माँ
माँ ने क्या क्या किया इसका कैसे बखान करूँ
क्या कर सके उसके लिए हम ऐसा एक सार्बल करू ?
प्यार सदा भरा जिन आँखों में, शब्दों को जिससे से आकर मिला
गोदी मे जिसकी सृष्टि का सबसे प्यारा आराम मिला
वो बोली नहीं कभी पीड़ा अपनी, तेरे चहरे से ही दुःख समझ लिया
तूने माँगा तो भी उसने अपना जीवन तुझ पर अर्पित किया

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